सफलता का पहला सूत्र है जिज्ञासा, जो ज्ञान का मार्ग दिखाती है।अदम्य चाहत ही मानव को, हर शिखर पर विजय दिलाती है॥
जिज्ञासा का हो आधार यहाँ, जिज्ञासा का सम्मान सदा।
नव-चेतना का विस्तार हो, आलोकित हो हर एक दिशा॥
नूतन प्रश्नों की छाँव तले, सृजन का दीप जलाना है।
जिज्ञासा ही वह मूल तपोमयी, जिससे नवयुग आना है॥
नव-चेतना का विस्तार हो, आलोकित हो हर एक दिशा॥
नूतन प्रश्नों की छाँव तले, सृजन का दीप जलाना है।
जिज्ञासा ही वह मूल तपोमयी, जिससे नवयुग आना है॥
मन की शंका का मौन मिटे, तब प्रज्ञा का उदय होता है।
हर अन्वेषण के गर्भ से ही, नव-सत्य का संचय होता है॥
ज्ञान की इस पावन धारा में, हम मिलकर कदम बढ़ाएंगे।
तर्क और चिंतन की मशाल से, तम को दूर भगाएंगे॥
हर अन्वेषण के गर्भ से ही, नव-सत्य का संचय होता है॥
ज्ञान की इस पावन धारा में, हम मिलकर कदम बढ़ाएंगे।
तर्क और चिंतन की मशाल से, तम को दूर भगाएंगे॥